पैसे को बैंक में क्यों नहीं रखना चाहिए?

 इसका एकमात्र कारण यह है कि बैंक में रखे पैसे बढ़ती महंगाई को मात देने में सक्षम नहीं होता है।

वहीं यदि इसी पैसे को किसी सही समय पर और सही काम पर लगा दिया जाय तो बढ़ती महंगाई के साथ ही उस पैसे की भी वैल्यू बढ़ते चले जाता है।

इसे एक रियल उदाहरण से समझें।

मेरे दादाजी ने 1970 ईसवी में एक जमीन 232 रुपये में खरीदे थे। आज उसकी कीमत करीब 25 लाख से ऊपर है।

1970 से लेकर अभी 2025 चल रहा है। यानी कुल 55 साल हुए हैं। इस 55 साल में उनके लगाए पैसे पर अगर रिटर्न्स के रूप में देखें तो पाएंगे यह करीब 10,77,586 फीसदी का है।

अब अगर यही पैसे जमीन में न लगकर बैंक में ही रखे होते तो ?

अभी के अनुसार ही कैलकुलेट कर लेते हैं पिछले 55 साल का। टॉप बैंक HDFC, वर्तमान में सालाना 3 फीसदी का रिटर्न्स देता है। ऐसे में 55 साल में साल दर साल मिलते रिटर्न्स के आधार पर करीब 165 फीसदी या ऐसा कहें कि 232 रुपया बढ़कर 614 रुपया हो गया होता।

न 614 रुपया हम मान लेते हैं कि यह 1000 रुपया हो गया।

कहाँ 25 लाख और कहाँ 1000 रुपया।

अगर बैंक सेविंग में रखे होते तो आज उस पैसे से कोई भी पूरी फैमिली 2 दिन सही से खाना नहीं खा पाता। दो दिन खाना का तो छोड़ देते हैं। आज अगर घर मे 4 सदस्य है तो चारो के 1 बार का मोबाइल रिचार्ज भी सही से नहीं होता ।

सही है?

इसलिए पैसे को बैंक में रखने की जगह उसे काम पर लगाना आवश्यक है। ताकि हम समय के साथ चल सके।

लेकिन अपनी स्किल पर आगे बढ़े। जिसमें आपको महारत है उसको ताकत बनाये और पैसे को उसी के अनुरूप आगे बढ़ाएं।

उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।

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