नियमित का अभिप्राय आपका यह है कि मासिक या वार्षिक औसत में प्रॉफिट में होने से है तो निःसन्देह सम्भव है। लेकिन अगर इस नियमित का अभिप्राय लगाए सभी ट्रेड में प्रॉफिट से है तो यह कतई सम्भव नहीं है। भले ही आपको बाजार में आये एक दिन हुआ हो या एक साल या फिर 10 साल।
उम्मीद है आप साधना से परिचित होंगे।
नहीं-नहीं आपके कॉलेज के IT क्लासरूम के तीसरे बेंच पर बैठने वाली नहीं बल्कि किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किया जानेवाला नियमित और व्यवस्थित प्रयास वाला।
हाँ तो अब सही पहुँचे हैं.. मैं इसी साधना की बात कर रहा था। शेयर बाजार में रोजाना फायदा कमाने के लिए भी आपको इसी साधना की आवश्यकता है।
इस साधना के अंदर आपको अपने आप को कुछ चीजो में बिना बड़े पैसे कमाने जैसे मोहमाया को ध्यान में रखे नियमित प्रैक्टिस करना होगा।
जैसे:
1)दो घण्टे ही सही लेकिन बाजार को रोजाना 2 घण्टे समय देना है।
2)इस दो घण्टे में किसी भी एक स्टॉक को पकड़ के बस चार्ट को निहारते रहना है। ऐसा कम से कम 20 दिन करना है। हां स्टॉक बदलना नहीं है।
3)अब उस निहारने वाले अनुभव के साथ 20 दिन बाद आपको ट्रेड लेना शुरू करना है। हाँ अधिक नहीं बस दिन के दो ट्रेड और वो भी 5 क्वांटिटी से अधिक नहीं।
4)ऐसा आपको अगले कम से कम 60 दिन करना है।
यानी इस तप में आपको कुल मिलाकर 80 दिन का समय लगेगा।
इतना साधना के बाद जानते हैं क्या होगा।
1)इस साधना से प्रॉफिट से साक्षात्कार होगा।
2)इस साधना से अनुभव बढ़ेगा।
3)इस साधना से गलत दिशा में जा रहे ट्रेड को समुचित प्रबंधन करने की क्षमता विकसित होगा।
4)इस साधना से बाजार के भीतर छुपी सक्तियो और सत्य से अवगत हो जाएंगे।
5)इस साधना से रिस्क-रिवॉर्ड के बीच संतुलन बनेगा।
इतनी साधना के फायदे और बहुत से हैं लेकिन फिलहाल के लिए इतना ही पर्याप्त है।
माने न माने लेकिन इस बाजार में खड़े होने के लिए आपको इस रास्ते से गुजरना ही पड़ेगा। आप चाहें तो अन्य रास्ते को आजमाकर देख सकते हैं। बाजार में ऐसी न तो कोई रणनीति है जो जादुई छड़ी की तरह काम करे और उसे सीखने के बाद हम रोजाना बाजार से छाप कर निकल जाएं।
हालांकि मेरी ये बातें अक्सर लोगो को पसंद नहीं आता है क्योंकि बाजार ने शुरू से उड़ते तीर तो दिखाया है लेकिन उड़ते तीर लेने के तकलीफ को नहीं।
उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।
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