फिबोनाची का उपयोग बाजार में किसी भी चार्ट पर एक अच्छे ट्रेंड के बाद प्रॉफ़िट बुकिंग के कारण आनेवाले गिरावट/बढ़त को समझने के लिए किया जाता है।
जैसे
इस चार्ट को देखिए। यहां आप देख सकते हैं कि कैंडल ने करीब 256 पॉइंट से अधिक का मूव दे चुका है।
अब यदि यहां से बाजार ऊपर भी जाने वाला हो तो व्यक्ति को उस समय buy साइड में नहीं बैठना चाहिए और इन्तेजार करना चाहिए की बॉटम लेवल पर जिन्होंने खरीदारी किया है वो प्रॉफिट बुक कर लें।
क्योंकि अभी एंट्री अगर बना लेंगे तो टॉप पर बनी एंट्री की वजह से आप फंस जाएंगे और नुकसान कर बैठेंगे। इसी चीज को समझने के लिए फिबोनाची का उपयोग किया जाता है।
जिसमें बढ़त के दौरान बढ़त वाले कैंडल से लाइन शुरू करके और बढ़त के बाद बने पहले रेड कैंडल के हाई तक फिबोनाची लाइन को प्लॉट किया जाता है।
जैसे:
दी गयी छवि में आप देख सकते हैं।
वहीं दूसरी ओर यदि बाजार अच्छी गिरावट दिखा चुका है और हमें प्रॉफिट बुकिंग वाले पॉइंट को समझना है तो इसके विपरीत गिरावट वाले पहले कैंडल से लाइन शुरू करके गिरावट के बाद बने पहले ग्रीन कैंडल के low पर फिक्स किया जाता है।
जैसे आप दी गयी छवि में देख सकते हैं।
फिबोनाची में कुछ नंबर्स हैं जिसपर हमें गौर करते हुए चलना होता है।
फिबोनाची के सिद्धांत के अनुसार प्रॉफिट बुकिंग के कंडीशन में स्टॉक हायर साइड में 38.2 से 50 के जोन तक प्रॉफिट बुक करता है। अगर 50 फीसदी के ऊपर क्लोज़ हो जाता है तो इसे प्रॉफिट बुकिंग भूलकर ट्रेंड रेवेरसल का sign माना जाता है।
उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।
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