सरल शब्द में कहुँ तो एक सफल ट्रेडर बनने के लिए आपको अपने अंदर एक व्यवसायी या फिर एक वैज्ञानिक के गुणों का अनुसरण करना होगा।
क्योंकि सफल और असफल ट्रेडर/निवेशक के कारणों के ऊपर जब विवेचना करने लगे तो मुझे लगा कि बस एक छोटा सा अंतर होता है।
एक सफल ट्रेडर, एक वैज्ञानिक के रूटीन और गुण को फॉलो करते हैं वहीं एक असफल निवेशक ऐसा कर पाने में असफल हो जाते हैं।
अब बात आता है कि शेयर बाजार में वैज्ञानिक गुण कैसे?
चलिये इसे समझते हैं।
अगर हम एक वैज्ञानिक के जिंदगी को समझें तो पाएंगे कि एक वैज्ञानिक पहले कुछ सोचता (परिकल्पना) है। उसके बाद उस सोच को टेस्ट करता है। टेस्ट करने के बाद रिजल्ट को चेक करता है। अगर रिजल्ट उसके सोच के मुताबिक अर्थात परिकल्पना के हिसाब से हुआ तब इसका निष्कर्ष निकालता है।
इसी तरह अगर एक ट्रेडर या इन्वेस्टर के पास निवेश करने से पहले अगर उसकी कोई सोच या फिर परिकल्पना नहीं है तो निवेशक शेयर बाजार में एक जुआरी जैसा ही है।
अब सवाल यह उठता है कि एक निवेशक को अपनी वैज्ञानिक परिकल्पना कैसे बनाना चाहिए तो चलिये जानते हैं सफल निवेश के लिए वैज्ञानिक परिकल्पना कैसे बनाएं?
1)इन्वेस्टमेंट का उद्देश्य: निवेश करने से पहले आपको अपने इन्वेस्टमेंट गोल, जोखिम लेने की कैपेसिटी और कितने समय के लिए इन्वेस्टमेंट रणनीति बनानी इसे ध्यान में रखें।
2)अपने मजबूत पक्ष को पहचानें: बाजार में मौजूद हर एक निवेशक अलग-अलग मनोवैज्ञानिक सोच का होता है इसलिए आप अपनें मजबूत पक्ष को ध्यान में रखें. पिछले सभी निवेश डाटा को अच्छे से एनालिसिस करें और उस आधार पर बढ़िया रिटर्न के लिए निवेश करें।
3) पैरामीटर बनाएं: जैसा कि हमने पहले बताया है सभी निवेशकों का अलग मानसिकता और विशेषज्ञता होती है इसलिए आपको अपनी यूनिक क्वालिटी का पहचान करके अपने रणनीति को तैयार करना चाहिए और उसी के अनुसार बाजार में निवेश करें।
4) सही समय पर निवेश और सही समय पर निकले: निवेशकों को एक नियम बना लेना चाहिए कि कब वह इस स्टॉक में खरीदारी करके प्रवेश करेगा और कब स्टॉक को सेल करके बाहर निकल जाएगा। ध्यान रहे यह कदम उठाते समय किसी प्रकार का इमोशन शामिल नहीं होना चाहिए।
5) निवेश का पोजीशन और रिस्क मैनेजमेंट: किसी स्टॉक में कितना कैपिटल लगाना है इसका एक नियम बनाएं और दूसरी तरफ जोखिम को कम करने के लिए खुद के लिए कठोर जोखिम नियमों को बनाएं जिसे बाद में खुद से पालन भी करें। विशेष कर स्टॉप लॉस जरूर रखें।
उपरोक्त 5 चीजो का यदि आप स्ट्रिक्ट होकर पालन करते हैं तो सफल होने से कोई नहीं रोकेगा। बस वैज्ञानिक गुन को अपने अंदर लेकर आये क्योंकि भले ही यहां आप केमिकल या स्पेस रिसर्च न कर रहे हों लेकिन कर तो रिसर्च ही रहे हैं।
कुछ चीजो का ध्यान रखें:
1)जोश :
ट्रेडिंग/निवेश एक नीरस व्यवसाय है और कभी कभी भावनाएं आपके ऊपर हावी हो सकता है। ऐसे में उस भावनाओ को कंट्रोल करने के लिए पॉजिटिव और मजबूत जुनून की आवश्यता होती है।
2)अनुशासन:
हालांकि ट्रेडिंग प्लान और स्ट्रेटेजी बनाना आसान है, लेकिन उन पर टिके रहना मुश्किल है। खासकर तब जब आगे बढ़ना कठिन हो।
3)दृढ़ता:
एक ट्रेडर को सफल होने के लिए कभी हार न मानने वाला रवैया रखना चाहिए। ट्रेडिंग का सबसे कठिन हिस्सा सबसे सफल ट्रेडर के लिए भी हार का लकीर है। यह स्वीकार करते हुए कि नुकसान अनिवार्य हैं, एक अच्छा ट्रेडर उन्हें सीखने के अवसरों के रूप में लेता है। हमें यह सोचना चाहिए की ट्रेडिंग सिर्फ 1 ट्रेड का परिणाम नहीं है । जो ये निर्धारित करे कि मैं कैसे ट्रेड करता हूं। लेकिन मुझे अगले 1000 ट्रेडों के लिए टिके रहने की जरूरत है और उस मानसिकता का होना महत्वपूर्ण है।
4)धीरज:
सफल ट्रेडर किसी ट्रेड में प्रवेश करने से पहले धैर्यपूर्वक सेटअप की प्रतीक्षा करते हैं। वे अपनी प्लान पर टिके रहते हैं और लापरवाह अमान्य सेटअप से बचते हैं। एक सफल ट्रेडर हमेशा ट्रेड्स के प्लान बनाता है और प्लान का ट्रेड करता है।
5)स्वतंत्रता:
एक सफल ट्रेडर अपने आसपास के शोर से प्रभावित नहीं होता है। ये महत्वपूर्ण है कि एक ट्रेडर के पास एक स्वतंत्र दृष्टिकोण है क्योंकि राय पर भरोसा करना रिस्की हो सकता है। वे सेल्फ-स्टार्टर्स हैं, जो प्रारंभिक सलाह के बाद, कार्यभार संभालने के लिए आत्मविश्वास और जिम्मेदारी विकसित करते हैं।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।
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