कहीं आप इस स्थिति की बात तो नहीं कर रहे हैं।
"तेरे क़ू बाजार में पैसा लगाना ही है"।
या फिर किसी ने आपसे ये तो न कह दिया है कि भाई एकबार पैसा लगा दे फिर अम्बानी तिजोरी की चाभी तुम्हें स्वयं सौप देंगे।
अगर नहीं तो फिर ये अचानक क्या होता है। शेयर बाजार हो या फिर किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए प्रॉपर प्लानिंग किया जाता है।
जैसे:
कितना पैसा लगाना चाहिए?
किस सेक्टर में लगाना चाहिए?
क्या चुना सेक्टर वास्तव में आनेवले समय मे मजबूती दिखायेगा?
यदि 1% भी संभावना है कि चुना सेक्टर मजबूती न दिखाए तो कितना नुकसान हो सकता है?
होनेवाले नुकसान की भरपाई कैसे किया जा सकता है?
क्या अगर नुकसान हुआ तो वापिस दूसरे निवेश के लिए पर्याप्त पैसे बचे रहेंगे या नहीं और यदि नहीं बचने वाले हैं तो फिर ऐसी जगह पर रिस्क ही क्यों लेना।
ऐसे ही कई प्रश्न निवेश से पहले खुद के सामने रखना पड़ता है और फिर उसका तर्क संगत उत्तर मिलने के बाद अगले स्टेप पर बढ़ा जाता है।
निवेश कर रहे हैं..मैग्गी थोड़ी न बनाना है कि 2 मिनट में हो जाएगा। हालांकि वो बात और है कि मैग्गी भी बनाने में 10-15 मिनट का समय लग जाता है।
मैं वो बातें नहीं करूंगा जो आप तमाम सोशल प्लेटफार्म पर चल रहे एड्स के अंदर देखते हैं कि बाजार में आये और बस 5 मिनट दें और प्रॉफिट समेट कर चले जाएं।
क्योंकि यह किसी भी एंगल से सही नहीं है और ऐसी बातों के साथ निवेश करने वाले आखिरी में मूलधन भी नहीं बचा पाते हैं।
कुछ चीजो को समझें।
निवेश एक ongoing प्रक्रिया है। जिसमें बाजार की स्थिति के अनुसार सेक्टर और उसके अंदर के स्टॉक के मजबूती बढ़ते या घटते रहता है। ऐसा नहीं कि जो स्टॉक आज मजबूत है वो कल भी रहेगा और ऐसा भी नहीं कि जो स्टॉक अभी कंसॉलिडेट कर रहा है वो आगे गिरेगा ही।
इसलिये अगर कभी अचानक निवेश करने का मूड बने तो पास के लस्सी भंडार पर जाएं और एक्स्ट्रा बर्फ डलवाकर एक सांस में गटक जाएं।
सम्भव है कि अभी बातें मेरी खराब लग रहा होगा लेकिन यकीन माने बच्चे की दबा को छोड़कर बाकी सब दबा हमेशा कड़वा ही होता है।
बाजार को पहले सीखें, फिर समझने का प्रयास करें फिर छोटी क्वांटिटी के साथ बैकटेस्ट कड़ें और फिर आगे बढ़े।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।
0 Comments