यदि हम किसी स्टॉक को लम्बी अवधि के लिए खरीदना चाहते हैं तो किसी शेयर को खरीदने से पहले निम्नांकित कुछ पॉइंट्स को जानना,समझना और विश्लेषित करना आवश्यक हो जाता है।
1)कंपनी प्रोफाइल:
इसके अंदर बोर्ड आर्गेनाईजेशन स्टडी आ जाता है।
2)वित्तीय स्थिति:
कंपनी बोर्ड समझने के बाद दूसरे नंबर पर कंपनी के वित्तीय स्थिति को समझना आवश्यक है। जैसे वर्तमान में कंपनी का मार्केट कैप,डेब्ट, डेब्ट को कम किया जा रहा है या नहीं, प्रॉफिट बढ़ा है या घटा है। इत्यादि
3)प्रोडक्ट या सर्विसेज:
तीसरे नंबर पर यह समझना आवश्यक है कि मैं जिस कंपनी में निवेश कर रहा हूँ उसका प्रोडक्ट या सर्विस क्या है और यह बाजार में किस स्थान पर है। क्या कंपनी का प्रोडक्ट उपयोग के आधार पर टॉप पर है या फिर नहीं। यदि टॉप पर है क्या यह आगे भी अपनी स्थिति मेंटेन करने में सक्षम है।
4)प्रतिस्पर्धी को समझना:
किसी भी कंपनी में निवेश करने या उसकी मजबूती को समझने के लिए peer अनलीसिस अहम है। जिसमें उसी फील्ड से जुड़े अन्य कंपनी के साथ खरीदे जाने वाले कंपनी को compare करके निष्कर्ष निकाला जाता है। इसकी जानकारी भी आवश्यक हो जाता है कि हम जिस कंपनी में निवेश करने वाले हैं उसका अपने सेक्टर में दबदबा कैसा है।
5)बाजार की स्थिति:
किसी भी निवेश में बाजार की सेंटिमेंटल स्थिति को समझना आवश्यक हो जाता है।
6)उद्योग रुझान की जानकारी: कंपनी का हालिया रुझान उसे अग्रेसिव बना रहा है या फिर कंपनी रुझान के आधार पर न्यूट्रल स्टेट में चला गया है।
7)निवेशक:
किसी भी कंपनी में कितने प्रतिशत किसका हिस्सेदारी है। इसकी जानकारी भी अहम हो जाता है।
इन सारी चीजो की जानकारी से हम समझ सकते हैं कि जिस कंपनी को हम खरीद रहे हैं वह महंगा तो नही है।
वहीं कुछ प्राइमरी अनालीसिस के लिए आप निम्नांकित रेश्यो का भी उपयोग कर सकते हैं।
1)पिछले 6-8 साल का CAGR 15 फीसदी से अधिक हो।
2)नेट प्रॉफिट मार्जिन 8 फीसदी से अधिक हो।
3)टैक्स payout, 30 फीसदी से अधिक हो।
4)इंट्रेस्ट कवरेज, 3 से ज्यादे हो।
5)debt to इक्विटी रेश्यो, 0.5 से कम हो।
6)करंट रेश्यो, 1.25 से बड़ी हो।
7)कैश फ्लो, 0 से बड़ी हो।
8)CPAT और CFO पिछले 8-10 में एक जैसा हो।
9)PEG<1
10)अर्निंग यील्ड> 10 साल के G sec यील्ड
11)PB रेश्यो<1
12)प्राइस तो sales<1.5
13)sales growth > peer
14)प्रॉफिट CAGR और सेल्स CAGR दोनो लगभग एक जैसा हो।
15)क्रेडिट रेटिंग BBB- से ऊपर होना चाहिए।
उपरोक्त कुछ चेकलिस्ट मैं अपने विश्लेषण में लेकर चलता हूँ।
वहीं यदि बात टेक्निकल की है तो टेक्निकल में रेजिस्टेंस,सपोर्ट,ट्रेंडलाइन, कैंडल पैटर्न,डाटा इत्यादि का उपयोग कर सकते हैं।
उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।
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