स्टॉक मार्केट की सबसे गंदी बात कौन सी है?

 बाजार एक न्यूट्रल ओपन सिस्टम है। जिसमें कई सारी कंपनियां अपनी हिस्सेदारी बेचने का काम करता है। जिसे समय समय पर बदलते रुचि के आधार पर अलग-अलग निवेशक खरीदते और बेचते रहते हैं।

लेकिन अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर एक चीज को मैं गलत अवश्य कह सकता हूँ। जो छोटे निवेशकों के हित मे नहीं है।

वो है:

Pre-ओपन मार्केट पोजीशन और प्राइस सेटलमेंट।

यह निश्चितरूपेन छोटे ट्रेडर के हित में नहीं है। क्योंकि यह बाजार के कई मेजर खबरों की वैल्यू को डिस्काउंट कर देता है। जिससे प्राइस manipulation किया जाता है।

आइये इसे आसान शब्दो मे समझते हैं। क्योंकि सम्भव है ऊपर बताये टेक्निकल शब्द आपको समझ न आया हो।

कल्पना कीजिये कोई XYZ शेयर आज के बाजार में 500 के मूल्य पर बन्द हुआ है। बाजार बंद होने के बाद उसके अंदर कुछ तगड़ा पॉजिटिव न्यूज़ आया। न्यूज़ सही भी है। ऐसा नहीं कि अफवाह मात्र है।

ऐसी खबर के बाद कोई भी शेयर को खरीदने में प्रयास करेगा या खरीदने के लिए आगे बढ़ेगा।

लेकिन आपने गौर किया है कि ऐसी खबरों के बाद अगले दिन ही वो शेयर 2-3 फीसदी गैप अप ओपन हो जाता है। यानी शेयर आपको 500 के मूल्य पर नहीं मिलेगा।

ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकांश कंडीशन में बड़े प्लेयर इन खबरों को ध्यान में रखकर पहले ही ब्लॉक डील के जरिये बड़ी खरीदारी कर लेते हैं।

हां मुझे पता है कि आप कहेंगे कि छोटे एकाउंट ट्रेडर के पास भी तो ऑप्शन है कि वह ऐसे स्टॉक में AMO (After market order) लगा कर चले। लेकिन आप गौर करेंगे ऐसी 10 बिड में से सम्भव है कि आपके सिर्फ 1 बिड लगे। क्योंकि बिडिंग मैच नहीं कर पाता है।

तो इस चीज को मैं स्टॉक मार्केट में गन्दी चीजो के अंदर काउंट करके चलता हूँ।

उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।

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