क्या शेयर मार्केट में ठहरें या फिर सब शेयर बेच दें?

 बिना किसी कारण के तो आप खरीदे न होंगे। खरीदने से पहले आपने उसके फंडामेंटल देखे होंगे।

जैसे:

कंपनी का क्या करता है?

कंपनी का मैनेजमेंट कैसा है?

कंपनी का विजन क्या है?

प्रोमोटर्स की स्थिति कैसी है?

कर्ज कितना है?

कर्ज में बढ़ोतरी हुआ है या कंपनी साल दर साल इसे कम कर रहा है?

पब्लिक की हिस्सेदारी बढ़ा है या घटा है?

कहने का अर्थ है कि अगर आपने खरीदा है तो सारी चीजें देखा ही होगा।

जो भी चीजें आपने खरीदते वक्त देखा था। जिसकी वजह से आपको ऐसा लगा कि शेयर अच्छा है। इसे खरीदने चाहिए।

गिरावट के वक्त उन सभी कारणों पर फिर से नजर दौड़ाएं और देखे की किसी मे कुछ खामी नजर आ रहा है। यदि नहीं आ रहा है तो आराम से रखें। यदि दिक्कते नजर आ रहा हो तो बेच कर निकल जाएं।

बेहद सिम्पल है।

हाँ अगर आपने सिर्फ नाम,ब्रांड, सुनी सुनाई बातो के वजह से किसी शेयर को खरीद लिया है तो फिर ऐसी ही सुनी सुनाई बातो के आधार पर बेचते खरीदते रहें । क्योंकि इसका परिणाम आखिरी ने नुकसान ही है।

मैंने शेयर खरीदा। मुझे क्या अच्छा लगा उसमें ये सिर्फ मैं ही बेहतर जान सकता हूँ और जो बेहतर जानता है वही खामियों को भी समझ सकते हैं। मैं बताऊ या कोई और, हमें सुनी सुनाई बातो पर कोई निर्णय नहीं लेना चहिये।

रही बात बाजार के ट्रेंड का तो हमें 1 अगस्त के इन्तेजार करना चाहिए क्योंकि वर्तमान में पूरे बाजार का नजर अमेरिका के रेसिपरोकल पॉलिसी पर है। अमेरिका के अग्रेसिव नजरिये पर बने आउटकम को देखना आवश्यक है। क्युकी ट्रम्प द्वारा ब्रिक्स देश पर दिए बयान अभी बाजार को पैनिक कर रहा है। उसके बाद ही एक सही ट्रेंड को विश्लेषित किया जा सकता है।

उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।

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