ऑप्शन ट्रेडिंग भी इक्विटी बाजार की तरह ट्रेड किया जाता है। और प्रोसेस भी लगभग एक जैसा ही है।
जैसे:
डीमैट खाता खोले।
डेरीवेटिव(F&O) एक्टिवेट करें।
और मनचाहा ऑप्शन खरीदें-बेचें।
ऑप्शन बाजार में भी प्रॉफिट और नुकसान का सिद्धांत इक्विटी बाजार की तरह ही है।
यदि खरीदे मूल्य से प्राइस बढ़े तो प्रॉफिट और घटे तो नुकसान। वैसे ही बेचे मूल्य से प्राइस गिरे तो प्रॉफिट और बढ़े तो नुकसान।
हाँ कुछ शब्द यहां बदल जाते हैं।
जैसे यदि हम ऑप्शन खरीदार हैं तो प्रॉफिट के लिए बाजार गिरने वाला हो तो हम पुट खरीदते हैं और अगर बाजार बढ़ने वाला हो तो कॉल।
आप ऐसा भी कह सकते हैं कि यदि हमने कॉल खरीदा है तो हम बुलिश हैं। वहीं यदि हमने पुट खरीदा है तो bearish।
वहीं दूसरे ओर यदि हम ऑप्शन सेलर है तो बाजार बढ़ने के क्रम में हम पुट सेल कड़ते हैं तो वहीं जब भाव गिरने का उम्मीद हो तो कॉल सेल कड़ते हैं।
यदि प्रॉफिट की बात करें तो खरीदे मूल्य से यदि प्राइस ऊपर बढ़े तो प्रॉफिट होगा। वहीं यदि किसी ऑप्शन को हमने सेल किया है तो बेचे प्राइस से मूल्य जितना नीचे जाएगा उतना प्रॉफिट बनेगा।
कुछ चीजें इक्विटी बाजार से अलग हो जाता है।
जैसे:
यहां क्वांटिटी एक्सचेंज द्वारा पहले से निर्धारित होता है। अर्थात आप अपने मन से 1-2-100-200 क्वांटिटी नहीं खरीद सकते हैं। एक्सचेंज ने किसी स्टॉक/इंडेक्स में ऑप्शन ट्रेड करने के लिए जितना क्वांटिटी तय कर दिया है। आप उसी अनुपात में षड्यर ले सकते हैं।
जैसे:
निफ़्टी का लॉट साइज 75 का है। अर्थात निफ़्टी ऑप्शन के लिए हम मिनिमम 75 क्वांटिटी खरीद सकते हैं। वहीं यदि इससे अधिक खरीदना है तो इसी multiply में यानी 75,150 इत्यादि।
2)यहां प्रीमियम मूल्य पर खरीदारी या बिक़बाली होता है। अर्थात चुने स्टॉक/इंडेक्स के हरेक स्ट्राइक प्राइस का प्रीमियम मूल्य अलग होता है।
जैसे:
यदि हम निफ़्टी 24000 का कॉल ऑप्शन का 75 क्वांटिटी खरीदना चाहते हैं और इसका प्रीमियम 100 है तो इस अनुसार हमें कुल 100*75= 7500 रुपये का निवेश लगेगा।
कहने का अर्थ सीधा सा है कि ऑप्शन में ट्रेड करने या खरीदारी बिक़बाली करने का तरीका एक जैसा है लेकिन इसका सिद्धांत अलग है।
अतः आपको पहले उसे समझना होगा।
जैसे:
ऑप्शन क्या होता है?
प्रीमियम क्या होता है?
लॉट क्या होता है?
स्ट्राइक प्राइस क्या होता है?
स्पॉट प्राइस के अनुसार खरीदा ऑप्शन कितना तीव्र मूव करेगा।
इत्यादि।
इन सब बेसिक चीजो की जानकारी के बाद ही आप एक बेहतर ट्रेड कर पाएंगे।
जहां तक निवेश कितना लगेगा इसका उत्तर मैने ऊपर के पोस्ट में लिख ही दिया है। अगर आपने गौर नहीं किया तो निवेश कैलकुलेट करने के लिए एक साधारण फार्मूला उपयोग कर सकते हैं।
निवेश= लॉट साइज* प्रीमियम
जैसे:
यदि हमें निफ़्टी 24000 का कॉल ऑप्शन खरीदना है और इसका प्रीमियम प्राइस 100 है तो
निवेश= 75(लॉट साइज)* 100(प्रीमियम)= 7500 रुपया।
अब जैसे प्रॉफिट लॉस की बात करें तो देख सकते हैं कि चार्ट के अनुसार हमें इस जोन पर निफ़्टी में गिरावट दिखाई दे रहा था। क्युकी चार्ट पर एक अच्छा डबल टॉप पैटर्न बना था। जहां प्राइस नेकलाइन रिटेस्ट कर रहा है।।
और डाटा भी Bearish ही था।
जो मैंने आप सभी के साथ शेयर भी किया था।
जिसकी वजह से नजदीकी स्ट्राइक प्राइस का put ऑप्शन 107 रुपये पर खरीदा और 170 रुपये पर फाइनल बुक करके बाहर हो गए।
जिसमें यदि निवेश राशि की बात करें तो प्रति लॉट 4725 रुपये का निवेश लगा था और इस निवेश पर 8025 रुपये का प्रॉफिट बना। आप प्रति लॉट से प्रॉफिट की गणना कर सकते है।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।
धन्यवाद
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