नये intraday trader को क्या ध्यान रखना चाहीऐ?

 लगभग सभी नए ट्रेडर के अंदर एक चीज भरपूर मात्रा में रहता है: जोश।

यह जोश उन्हें सही रास्ते से भटका कर उसी रास्ते पर लाकर छोड़ देता है जिसपर चलने में रिस्क 90 फीसदी तो रिवॉर्ड की संभावना 10 फीसदी मात्र रह जाता है।

ऐसे में एक नए इंट्राडे ट्रेडर को मैं बस यही कहना चाहूंगा कि अभी आपका शुरुआती कदम है। इसमें जोश और जुनून को साइड में रखकर पूर्ण रूपेण दिमाग का उपयोग करते हुए समझें कि क्या आपके लिए सही है और क्या गलत।

अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आखिरी में पछतावे के अलावा कुछ हाथ मे नहीं आएगा। ऐसे maturity अनुभव के साथ आता है लेकिन यहां आपके पास इतना पैसा नहीं है कि अनुभव पैसे गंवाते गंवाते प्राप्त करें। आपको ठंढे दिमाग से उन सभी पहलुओं और गलतियों पर विवेचना करना चाहिए जो आपसे पहले आनेवाले ट्रेडर ने किया है।

इंट्राडे का असली मतलब समझें। इंट्राडे का अर्थ ये अवश्य है कि आपके द्वारा खरीदे पोजीशन को आज बाजार खत्म होने से पहले क्लोज़ करना है। लेकिन इसका ये कतई अर्थ नहीं है कि आपको रोजाना ट्रेड करना ही है। अमूनन ज्यादेतर इंट्राडे प्लेयर को मैं देखता हूँ कि वो रोजाना ट्रेड करने की बात तो बाद कि है, रोजाना में भी 5-10 ट्रेड कर लेते हैं।

इस चीज को समझें कि भले ही आप इंट्राडे ट्रेड कर रहे हैं लेकिन फिर भी आपको एक अच्छे ट्रेड के लिए इन्तेजार करना चाहिए।

आप इंट्राडे ही करें। इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन सिर्फ उस दिन जब ट्रेड आपके सेटअप पर बैठे।

इसके अलावा भी कुछ वास्तविकता का ध्यान आपको रखना चाहिए।

शेयर बाजार वैसा बिल्कुल नहीं है जैसा आपको दिखाया जाता है। या फिर यूं कहें जिन चीजों से आप आकर्षित होकर बाजार की ओर आ रहे हैं।

अमूनन मैने आजकल देखा है कि सोशल साइट्स पर भरे पड़े बड़े बड़े प्रॉफिट स्क्रीनशॉट युवाओ को शेयर बाजार की ओर आकर्षित करते हैं। या फिर अधिकांश चल रहे एड्स में बाजार को ऐसा दिखाया जाता है जैसे यहां बेहद आसानी से बहुत मात्रा में पैसे बन जाते हैं।

ये दोनों ही चीजें वास्तविक नहीं है। यह सिर्फ एक छलावा मात्र है।

मैं यह नहीं कह रहा हूँ कि बाजार पैसे के निवेश या ट्रेड के लिए गलत जगह है लेकिन जितनी आसानी से और जितनी जल्दी अमीर बनने का ख्वाब दिखाया जाता है वो गलत है।

इसमें कोई संदेह नहीं कि बाजार में अगर बिताया जाय तो आप अन्य निवेश विकल्प से बेहतर कमा सकते हैं लेकिन इसका कतई ये अर्थ नही है कि 10000 हजार लगाकर रोजाना 1000 का प्रॉफिट छाप लेंगे और घर चले जायेंगे।

फिर बेहतर रिटर्न्स किस सेंस में?

जैसे कि मैंने ऊपर मेंशन किया कि अन्य विकल्प की तुलना में।

जैसे:

बैंक सेविंग पर 2-3 फीसदी का सालाना रिटर्न्स देता है।

टॉप बैंक FD के ऊपर 7-8 फीसदी का सालाना रिटर्न्स देता है।

म्यूच्यूअल फण्ड ऐसे तो बाजार के जोखिम के अधीन है लेकिन औसत 15-16 फीसदी का सालाना रिटर्न्स की उम्मीद रख सकते हैं।

ऐसे ही शेयर बाजार में भी डायरेक्ट निवेश करने पर हम उससे बेहतर रिटर्न्स की उम्मीद रकह सकते हैं। जैसे

सलाना 20-22 फीसदी।

अब इसके अनुसार अगर हमने 10 हजार रुपये लगाए हैं तो इसका 20-22 फीसदी कितना हुआ ...2000-2200 रुपये।

लेकिन असली दिक्कत तब शुरू होता है जब व्यक्ति 365 दिन में आने वाले रिटर्न्स को रोजाना निचोड़ने का प्रयास करने लग जाता है।

इसलिए हरेक व्यक्ति से मेरा यही सलाह रहता है कि अगर यहां खड़े रहना है तो वास्तविक जानकारियों के साथ बढ़ें।

नहीं तो करोड़ो का एकाउंट लोग खाली कर लेते हैं। बड़ी बड़ी प्रॉफिट तो आपने देखा होगा। मैं नुकसान दिखा देता हूँ।

उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।

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