निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए पोस्ट को पूरा पढ़ें।
शेयर बाजार में पैसे कमाने का तरीका वही है जो शायद आप जानते भी हैं या फिर सुनते आ रहे होंगे।
जैसे:
1)रेजिस्टेंस टूटने के बाद खरीदारी
2)रेजिस्टेंस रेवेरसल से बिक़बाली
3)सपोर्ट टूटने पर बिकवाली
4)सपोर्ट रेवेरसल के साथ खरीदारी
5)पैटर्न के आधार पर ट्रेड
6)खबरों के आधार पर बने पम्प या डंप के अनुसार ट्रेड
आप इस बात को इस तरह से भी समझ सकते हैं कि बड़े से बड़ा प्लेयर का दायरा भी यही है। ऐसा नहीं है कि वो इसके अलावा कुछ नया लेकर आते हैं।
अब जब जो है वो यही है तो फिर अच्छा या बुरा की बात ही नहीं है। क्योंकि अगर बुरा होता तो बड़े प्लेयर इसके उपयोग से कमा नहीं रहे होते।
अब बात आता है कि अगर यह बुरा नहीं है तो फिर यह रिटेल ट्रेडर के लिए फायदेमंद क्यों नहीं है?
रिटेल ट्रेडर के साथ सबसे बड़ी दिक्कत कहें या फिर उपरोक्त सेटअप के बेकार में कन्वर्ट होने का एकमात्र कारण है कि वो एक सिस्टम को फॉलो नहीं करते हैं और मन गढंत एक्स्ट्रा कैलकुलेशन को भी सेटअप में मिला देते हैं।
जैसे:
अच्छा, रेजिस्टेंस ब्रेकआउट आज काम नहीं किया तो कल रेवेरसल का सोचेंगे। रेवेरसल आज काम नहीं किया तो कल ब्रेकडाउन का रुख कड़ेंगे। ब्रेकडाउन काम न करे तो फिर हम सीधे चले जाते हैं पैटर्न पर और पैटर्न काम न किया तो खबरों पर।
और सबसे बड़ी बात कि ये कहानी ऐसा नहीं कि किसी सेटअप पर 10-20 दिन काम करने के बाद हो बल्कि कई प्लेयर तो मैंने ऐसे देखे है जो एकही दिन में सब आजमा लेते हैं।
बाजार से पैसा कमाने का एक मात्र अच्छा और बेहतर तरीका है कि आप जितना जानते हैं उतने पर स्ट्रीक्ट हो जाएं और बैकटेस्ट के माध्यम से उसके द्वारा बने ट्रेड को समझने का प्रयास करें।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।
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