शेयर स्टॉक में रेजिस्टेंस लेवल कब तैयार होती है?

 इसके उत्तर को समझने के लिए आपको शेयर बाजार अनालीसिस के बेस पर जाना होगा। अनालीसिस का सबसे कोर पार्ट कहता है कि "इतिहास खुद को रिपीट कड़ता है।"

इतिहास के इसी रेपिटेशन के आधार पर रेजिस्टेंस/सपोर्ट इत्यादि चार्ट पर बनते रहता है।

जैसे:

ऐसे स्टॉक की परिकल्पना कीजिये जो वर्तमान में All टाइम हाई(ATH) के लेवल पर ट्रेड कर रहा है।

जब भी कोई स्टॉक ATH पर ट्रेड कर रहा होता है तो अधिकांश निवेशक या ट्रेडर यह सोचकर पैनिक होते हैं बाजार यहां से कितना ऊपर तक सस्टेन कर पायेगा क्योंकि उससे ऊपर के कोई लेवल नहीं ट्रेडर के पास न होता है। जिसकी वजह से हमेशा ATH के पास से आपको बाजार पलटते दिखाई देता है।

अब ऐसा माने की इसी उपरोक्त कारण की वजह से बाजार ने 2400 के प्राइस का एक नया हाई बनाया और नीचे पलट गया।

अब अगली बार जब मूल्य फिर से बढ़ना शुरू होगा तो आप पाएंगे कि उस 2400 के पास से मूल्य फिर से रुकावट लेना शुरू कर देता है। क्योंकि इतिहास ट्रेडर से यह बताता है कि इसी जोन से पिछली बार बाजार गिर गया था।

अब जितनी बार बाजार बढ़ने का प्रयास करेगा वहाँ पर ये मेंटेलिटी एक्टिव हो जाएगा। जिसकी वजह से 2400 का जोन एक नया रेजिस्टेंस के रूप में तैयार हो जाता है ।

कुल मिलाकर यदि टेक्निकल शब्द को हटाकर सरल शब्द में कहें तो यह हमारे और आपके सोच के अनुसार रेजिस्टेंस/सपोर्ट तैयार करता है। ऊपरी लेवल पर जहां भी हम पैनिक होना शुरू हो जाते हैं वही रेजिस्टेंस बन जाता है और जहां से हम खरीदने के लिए उत्साहित हो जाते हैं वो सपोर्ट बन जाता है।

उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।

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