विकल्प व्यापार से इंट्राडे पर कमाई कैसे की जा सकती है?

 विकल्प व्यापार से दो तरह से कमाई किया जाता है।

1)विकल्प बेचकर

2)विकल्प खरीदकर

यहां भी दोनो ही प्रकार में हम बाजार के दोनों डायरेक्शन(अप और डाउन) को ट्रेड कर सकते हैं।विकल्प(ऑप्शन) ट्रेडिंग में इक्विटी बाजार कि तुलना में कुछ सिद्धांत अलग हो जाता है।

जैसे:

1)यहां हम अपने पसंद से एक,दो या 10 या 1000 क्वांटिटी का चयन नहीं कर सकते हैं। विकल्प ट्रेडिंग के लिए इंडेक्स पहले से क्वांटिटी निर्धारित रखता है और उसे खरीदने या बेचने के लिए हमें उसी अनुपात का इस्तेमाल करना होता है।

जैसे: यदि किसी स्टॉक का लॉट साइज 500 है तो उसमें हम मिनिमम 500 क्वांटिटी ही खरीद सकते हैं। इससे अधिक खरीदना हो तो 500 के multiply में ही खरीदारी कड़ेंगे। जैसे 1000,1500 या 2000।

2) यहां बढ़ते बाजार के लिए कॉल ऑप्शन का उपयोग किया जाता है वहीं गिरते बाजार के लिए पुट ऑप्शन।

ऐसे में यदि हमें लग रहा है कि बाजार बढ़ने वाला है तो एक विकल्प खरीदार के रूप में कॉल खरीदेंगे लेकिन वहीं यदि विकल्प सेलर हैं तो पुट बेचेंगे। वहीं दूसरी ओर यदि बाजार गिरने का आसार हो तो एक विकल्प खरीदार के रूप में पुट ऑप्शन खरीदेंगे लेकिन यदि विकल्प सेलर हैं तो उसी वक्त कॉल ऑप्शन को सेल कड़ेंगे।

3)मुनाफा और नुकसान के लिए आपको विकल्प ट्रेडिंग के दो कांसेप्ट को बेहतर रूप से समझना आवश्यक है।

a)विकल्प सेलर का बाजार में रिस्क अनलिमिटेड और रिवॉर्ड लिमिटेड होता है। लेकिन इसे बाजार के दो मूवमेंट फायदे पहुँचाते हैं। यदि बाजार सेलर के डायरेक्शन में मूव करे या बाजार sideways रहे तो दोनो ही कंडीशन में विकल्प सेलर प्रॉफिट में रहेगा। वहीं दूसरी ओर यदि उसके चुने डायरेक्शन के विपरीत बाजार मूव कड़ता है तो उसे असीमित नुकसान भी हो सकता है।

b)विकल्प खरीदार का बाजार में रिस्क लिमिटेड और रिवॉर्ड अनलिमिटेड होता है। लेकिन इसे बाजार के सिर्फ एक मूवमेंट फायदे पहुँचाते हैं। यदि बाजार खरीदार के डायरेक्शन में मूव करे तो इस कंडीशन में विकल्प के खरीदार प्रॉफिट में रहेगा। वहीं दूसरी ओर यदि उसके चुने डायरेक्शन के विपरीत या फिर बाजार sideways मूव कड़ता है तो उसे सीमित नुकसान भी होगा।

बाकी ट्रेड और प्रॉफिट के लिए अनालीसिस इक्विटी बाजार की तरह है। जहां बाजार के सेंटिमेंट्स के आधार पर और टेक्निकल फैक्टर(रेजिस्टेंस,सपोर्ट,ट्रेंडलाइन या कैंडल पैटर्न) के आधार पर ट्रेड प्लान कड़ते हैं। हालांकि यदि हमारा ट्रेड इंडेक्स ऑप्शन में है तो हमें ग्लोबल सेंटिमेंट्स का ज्यादे ख्याल रखना पड़ता है।

रही बात मेरी रणनीति का तो मैं कई बार इसे बता भी चुका हूं और इसकी गुणवत्ता आप सभी ने updates ग्रुप में देखा भी है।

मेरा सिम्पल सा सेटअप है।

1)डाटा अनालीसिस

2)ऑप्शन चैन अनालीसिस

3)टेक्निकल पैटर्न्स

यह इतना मुश्किल नहीं है।

उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा

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