कुछ चीजो को समझना आवश्यक है। जैसे हम जिस बाजार में ट्रेड करते हैं वहां मुख्यतः 4 तरह के पलेयर होते हैं।
1)रिटेल ट्रेडर
2)DII
3)FII
4)Prop desk
1) रिटेल ट्रेडर:
मुझे नही लगता है कि रिटेल ट्रेडर के बारे में समझाने की आवश्यकता है क्योंकि बाजार में ऐसा कोई भी ट्रेडर जो 10-20-50-100-500 हजार से ट्रेड कड़ते हैं वो सभी रिटेल की केटेगरी में आते हैं।
2)DII (Domestic institutional investor) : सरल शब्द में कहें तो DII, घरेलू बाजार के निवेशकों का एक समूह होता है। जैसे: म्यूच्यूअल फण्ड,इन्सुरेंस कंपनी या फिर पेंशन फण्ड इत्यादि।
3)FII (Foreign Institutional Investor):अपने भारतीय बाजार के संदर्भ में सरल शब्द में कहें तो विदेशी निवेशक जो भारतीय बाजार में निवेश करते हैं।
4)Prop desk: इस प्रकार के निवेशक क्लाइंट के पैसे की जगह अपने ही फर्म के पैसे को बाजार में निवेश कड़ता है।
ये अलग अलग प्रकार के पार्टिसिपेंट हैं बाजार में। इन सभी के द्वारा बनाये पोजीशन के आंकड़ें को ही डेटा कहते हैं।
यह data आपको आसानी से किसी भी फाइनेंसियल वेबसाइट पर मिल जाएगा।
यह बहुत काम का चीज है। जिससे बाजार के ट्रेंड को आसानी से इन्टरप्रेट किया जा सकता है।
जैसे आप देख सकते हैं कि मैं खुद भी इसे रोजाना prepare कड़ता हुँ।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।
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