सेफ से आपका अभिप्राय क्या है की यहां से कमा कर जाया जा सकता है या फिर बिना एक रुपये गंवाएं कमा कर जाया जा सकता है?
अगर पहले वाला है तो हैं बाजार सेफ है। अगर दूसरे वाला है तो बाजार सेफ नहीं है।
हमारे आसपास के किसी भी चीज में या फिर वह शेयर बाजार, उसके उपयोग करने का तरीका उसे सेफ या रिस्की में तब्दील करता है। अगर हम बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ते हैं तो अधिक रिस्क भी कम हो जाता है और अगर बिना अनुभव और प्रबंधन के जाएं तो जहां कम रिस्क भी रहे वो बढ़ जाता है।
जैसे:
इस उदाहरण से समझें।
अगर हम आपसे कहें कि बाइक/कार चलाना सेफ है?
क्योंकि अगर रिस्क देखें तो यहां भी भरपूर है।
एसिलेटर फंस गया तो भी अस्पताल पहुँचा सकता है।
तेज गति में ब्रेक फेल हो गया तो भी अस्पताल पहुँचा सकता है।
सड़क पर हजारों गाड़ियां आते जाते रहता है अगर एक दूसरे से लड़ गया तो भी यह अस्पताल तक पहुँचा सकता है।
यानी उतने डीप में जाकर सोचें तो रिस्क ही रिस्क नजर आएगा। जोकि वास्तव मे है। एक छोटी सी गलती के भारी कीमत चुकानी पड़ जाए।
लेकिन इन सबके बाबजूद अगर एक अनुभवी इंसान से पूछें तो वह बस इतना कहेंगे कि अगर वास्तविक स्पीड को मेंटेन रखें तो 99% रिस्क स्वतः कम हो जाते हैं।
ऐसा शेयर बाजार का भी है। यहां मूल्य में उतार चढ़ाव हमेशा होते रहता है। उस उतार चढ़ाव को आप कितना बेहतर समझते हैं और कितना बेहतर निर्णय ले पाते हैं। यह पूर्णतया आपके ऊपर निर्भर करता है।।
उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।
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