इसके लिए आपको बाजार के दो नियमो को समझना आवश्यक है।
बाजार और निवेश के दो नियम आपस में काफी विरोधाभाषी हैं।
1)पहला नियम कहता है कि यदि स्टॉक में सब चीजें सही है अर्थात स्टॉक मौलिक पैरामीटर पर मजबूत है तो ऐसे स्टॉक को कभी भी खरीदा जा सकता है।
2) वहीं दूसरे ओर बाजार का नियम कहता है कि यदि बाजार अपने उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है तो इसके कारण कई सारे अच्छे स्टॉक भी overvalued हो जाते हैं। जिसकी वजह से एक सही निवेश के लिए स्टॉक के फेयर मूल्य पर आने का इन्तेजार करना चाहिए।
यदि देखें तो दोनो नियम अपने जगह पर सही है। लेकिन दूसरा वाला नियम एक रिटेल एकाउंट के लिए ज्यादे लाभदायक है।
बड़े एकाउंट्स के पास पैसे बहुत होते हैं। जिसकी वजह से वह यदि अच्छे शेयर को ऊपरी भाव पर भी खरीद लें तो हेजिंग की मदद से उसे संभाल कर रख सकते हैं लेकिन एक छोटे एकाउंट के लिए ऐसा कर पाना थोड़ा मुश्किल है।
ऐसे में यदि आप एक छोटे प्लेयर हैं तो वर्तमान मूल्य से खरीदारी की तुलना में बाजार के नीचे आने का इन्तेजार और "buy on deep" कि रणनीति को अपनाना ही ज्यादे लाभप्रद होगा।
मैं समझता हूं कि आप वर्तमान बाजार के पिछले कुछ वर्ष के मूव का सोच रहे हैं क्योंकि 2022 से लेकर सितंबर 2024 तक बाजार ने बाजार के ज्यादेगर नियमो को ताख पर रख दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि पास्ट को देखें तो जब भी बाजार all टाइम हाई के करीब जाता था तो वहां से 4-5 फिसिद का करेक्शन अवश्य दिखाता था लेकिन पिछले 1-1.5 वर्ष के अंदर बाजार ने हरेक हाई के ऊपर नया हाई रोजाना बनाते दिखा है।
लेकिन फिर भी एक छोटे निवेशक के लिए मैं दूसरे पॉइंट को ही ज्यादे बेहतर कहूंगा।
जिसमें करेक्शन का इन्तेजार कड़ें और "Buy in deep" की रणनीति का अनुसरन कड़ें।
यह रणनीति हमसे कहता है कि अगर बाजार उच्चतम स्तर पर ट्रेड कर रहा है तो हमें निवेश के लिए करेक्शन का इन्तेजार करना चाहिए तथा स्टॉक को हरेक निचले बॉटम के आसपास पहुँचने पर 10-20-40-20-10 के रेश्यो में खरीदारी करने चाहिए।
जैसे किसी स्टॉक का उच्चतम स्तर 1000 है और हमें टोटल 100 स्टॉक खरीदने है। स्टॉक का नजदीकी बॉटम यदि 950,890,840,770 और 700 पर है।
तो 950 पर 10 क्वांटिटी, 890 पर 20 क्वांटिटी, 840 पर 40 क्वांटिटी , 770 पर 20 क्वांटिटी और 700 के पास 10 क्वांटिटी की खरीदी प्लान करना चाहिए।
यह Buy in deep का स्टैण्डर्ड रेश्यो है।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।
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