आप समझते सबकुछ हैं बस चीजो को रिलेट नहीं कर पाते हैं। जैसे बाजार से तो हम सभी वाकिफ हैं।
बाजार क्या होता है?
एक ऐसा जगह जहां चीजो की खरीद बिक्री होता है।
सही है?
और शेयर ? हिस्सेदारी ....सही है?
अब अगर इसे एक साथ देख लें तो क्या होगा। शेयर बाजार एक ऐसा प्लेस है जहां किसी कंपनी के हिस्सेदारी खरीदा या बेचा जाता है। अमूनन जब भी किसी कंपनी को व्यवसाय को बढ़ाने के लिए बहुत सारे पैसे की जरूरत होता है तो वह पैसे के बदले अपने कुछ हिस्से को बेचता है।
आइये इसे एक छोटे से उदाहरण से समझते हैं।
मान लीजिए आप कुछ भी प्रोडक्ट बनाते हैं और इसे अपने डिस्ट्रिक्ट के अंदर सप्लाई करते हैं। इस तरह से महीने के आप 50 हजार रुपये तक कमा लेते हैं।
आपने सोचा कि यदि इसी व्यवसाय को अपने डिस्ट्रिक्ट के अलावा अन्य डिस्ट्रिक्ट में भी बेचा जाय। जाहिर सी चीज है आप अपना एरिया बढ़ा रहे हैं तो प्रोडक्ट डिमांड भी बढ़ेगा। प्रोडक्ट डिमांड बढ़ेगा तो मैनपावर की जरूरत भी बढ़ेगा। मैनपावर बढ़ेगा तो पैसे की जरूरत भी अधिक होगा।
अब पैसा कलेक्ट करने का विकल्प क्या हो सकता है।
1)बैंक: अगर बैंक से लें तो पूरा प्रॉस्पेक्ट्स समझाने के बाद जाकर कहीं पैसे मिले। उसपर भी भारी भरकम इंट्रेस्ट।
2)हिस्सेदारी बेचकर:
जरूरत के अनुसार पैसे कलेक्ट होने के बाद भी इंटरेस्ट का झंझट नहीं। यदि कंपनी ग्रो करे तो हिस्सेदार का पैसा भी बढ़ेगा और अगर भाव मे गिरावट हुए तो हिस्सेदार में लगे पैसे में भी गिरावट होगा।
इसी वजह से अधिकांश कंपनी पैसे इकट्ठा करने के लिए बाजार का रुख करता है।
उम्मीद है शेयर बाजार क्या होता है ये समझ मे आया होगा।
उम्मीद है अब आपको आपके दूसरे प्रश्न का भी उत्तर मिल गया होगा। जब हम किसी कंपनी के शेयर को खरीदते हैं तो उसमें हिस्सेदारी खरीद कर रहे हैं और वहीं बेचने पर हिस्सेदारी बेच रहे होते हैं।
उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा।
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