क्या शेयर बाजार से सभी लोगों को जुड़ना चाहिए?

 इसका सीधा सा उत्तर है नहीं।

एक बहुत सही पुराना कथन है कि सभी व्यक्ति के अंदर एक अलग टैलेंट होता है और वह उसमें बॉस होते हैं। ये भी सत्य है कि सभी व्यक्ति सबकुछ नहीं कर सकते हैं।

ऐसे ही शेयर बाजार में भी है। सभी व्यक्ति यहां निवेश तो कर सकते हैं लेकिन सभी बने नहीं रह सकते हैं। ऐसे में बेहतर है कि हम अपनी क्वालिटी की पहचान कर पाएं की हम यहां टिक सकते हैं या नहीं।

चलिये कुछ पॉइंट्स रखता हूं । बाजार में 90 फीसदी नुकसान का एकमात्र कारण डर और लालच है।

जिसमें डर का सबसे बड़ा कारण ज्ञान का न होना है। ज्ञान न होने की वजह से हम यह नहीं समझ पाते हैं कि हमारे कैपिटल के ऊपर कितना रिस्क लेना सही होगा। किस शेयर पर रिस्क लेना सही है। प्रॉफिट कितना हो सकता है। जोखिम कितना रहने वाला है।

साधारण शब्द में कहें कि हम क्या कर रहे हैं , क्या करने वाले हैं और वह करने का प्रभाव क्या पड़ने वाला है का ज्ञान नहीं होता है और हम डर का शिकार हो जाते हैं।

अतः ऐसे व्यक्ति जिन्हें बाजार की समझ न हो उन्हें निवेश या ट्रेड नहीं करना चाहिए।

2)लालच:

हालांकि ज्यादेतर लोग कहते हैं कि ऐसे व्यक्ति को बाजार में निवेश नहीं करना चाहिए जो लालची ज्यादे हैं। लेकिन देखिये यह कहना मेरे अनुभव से गलत होगा कि अगर व्यक्ति के अंदर लालच न हो वही बाजार में निवेश करें। क्योंकि कौन यहां है जिनके मन मे लालच नहीं है। हरेक के अंदर लालच है। यदि कोई 10 रुपये कमाता है तो 20 का लालच आएगा ही और 20 कमाता है तो 50 का लालच आएगा ही और आएगा क्या आता ही है।

लेकिन कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जिनके मन मे लालच आने के बाद भी वह इसपर नियंत्रण बनाये रखते हैं। ऐसे व्यक्ति बाजार के लिए परफेक्ट होते हैं। अतः यदि आप लालच पर कंट्रोल नहीं कर सकते हैं तो बाजार में निवेश से बचना चाहिए।

3) ऐसे व्यक्ति जो विश्लेषण के लिए समय नहीं निकाल सकते हैं उन्हें बाजार में निवेश करने से बचना चाहिए। कई निवेशक और ट्रेडर को मैंने देखा है जो सुनी सुनाई बातों पर निवेश करते हैं या फिर 10-15 मिनट में प्रॉफिट कमाकर बाहर निकलने जैसा रणनीति जानते हैं उन्हें बाजार में निवेश करने से बचना चाहिए क्योंकि इस बाजार में ऐसा कोई धारणा काम नहीं करता है।

उम्मीद है पोस्ट आपके लिए उपयोगी होगा

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