टेक्निकल एनालिसिस या तकनीकी विश्लेषण एक तरीका है जिसके द्वारा हम किसी शेयर के चार्ट के पुराने डेटा को देखकर उसके मूल्य के भविष्य में ऊपर या नीचे जाने का अनुमान लगाते हैं। शेयर मार्केट में स्टॉक के चार्ट पढ़ने की प्रक्रिया को ही टेक्निकल एनालिसिस कहते हैं।
दूसरे शब्दों में, ट्रेडिंग में चार्ट, वॉल्यूम, तकनीकी इंडिकेटर, प्राइस एक्शन का विश्लेषण करके शेयर की प्राइस मूवमेंट का पता लगाना ही टेक्निकल एनालिसिस कहलाता है।
अब इसके बाद सबसे बड़ा प्रश्न यह आता है की टेक्निकल अनालीसिस करना क्यों जरूरी है?
किसी भी स्टॉक के अल्पकाल में आनेवले मूवमेंट को पकड़ने के लिए टेक्निकल अनालीसिस काफी कारगर है। जिसकी मदद से यह निर्णय लेना आसान हो जाता है कि किसी स्टॉक को कब,किस मूल्य पर खरीदा जाय और उसे कब बेचकर निकल जाना फायदेमंद साबित होगा।
ऐसे में यदि कहें कि एक शार्ट टर्म ट्रेडर के लिए टेक्निकल अनालीसिस का ज्ञान बेहद जरूरी है तो यह गलत नहीं होगा।
टेक्निकल एनालिसिस यह पता लगाने में काम आता है कि;
1)स्टॉक का प्राइस ऊपर जाएगा और कब नीचे।
2)कहां पर entry लेना है और कहां पर exit करना है।
3)टारगेट और स्टॉप लॉस क्या होंगे।
4)सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल क्या होंगे।
5)खरीदी गई पोजीशन को किस अवधि तक होल्ड करना चाहिए।
6)कौन सा इंडिकेटर क्या बताता है।
7)किस शेयर प्राइस पर मोमेंटम है।
8)चार्ट पर कब ब्रेकआउट और कब ब्रेकडाउन होने वाला है।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा।
0 Comments