सही बताऊ या फिर वही जो बाजार में चलते रहता है आजकल। चलिये सही ही बता देता हूँ क्योंकि बाजार वाली चीज तो आप पढ़ते ही रहते हैं।
शेयर बाजार में रिकवरी जैसी कोई चीज नहीं होता है और ऐसी मानसिकता के साथ बढ़ना आपको कहीं न कहीं ऑयर ज्यादे नुकसान में धकेल देगा।
आपने सही पढ़ा है। ये सच्चाई मैं तब लिख रहा हूँ जब मैंने खुद नुकसान किया है और कमाया भी है और कमा भी रहा हूँ।
अगर आपने बाजार में बड़ा नुकसान किया है तो उसके बाद आप दो चीजें करने का सोचेंगे।
1)अगर पहले एडवाइजर के साथ काम किया है तो एडवाइजर बदलने का।
2)पिछले नुकसान को कवर करने के लिए और नई पैसे बाजार में लगाना।
लेकिन ये दोनों ही चीजें आपके फायदे का नहीं है।
1)उस बड़े नुकसान की भरपाई के लिए अक्सर लोग overtrade या फिर कुछ और बड़ी और aggresive ट्रेड करने लग जाते हैं। जोकि नहीं करना चाहिए। यह आपके नुकसान की भरपाई तो नहीं करेगा बल्कि और नुकसान में धकेल देगा।
2)ऐसे नुकसान के बाद अमूनन लोग सलाहकार को ढूंढने लग जाते हैं जो उनका नुकसान रिकवर करवा दे वो भी जितना जल्दी हो सके। तो ये भी नहीं करना चाहिए क्योंकि आप जिस बाजार में हैं यहां ऐसी हालत में जाने के बाद सामने बैठा सलाहकार सिर्फ सौदे करेगा वो भी अपने फायदे के लिए। वहां भी आपका बेनिफिट नहीं है।
बड़ी नुकसान के बाद भी यदि आपके पास ट्रेड के लिए पर्याप्त पैसे बचे हैं तो भी कुछ समय ट्रेड को होल्ड रखकर गलतियों की विवेचना करें और उन गलतियों को दूर करने का प्रयास करके ही आगे बढ़े।
लेकिन यदि बड़ी नुकसान करके जेब मे सिर्फ कुछ अंश बचे हैं तो बाजार को क्विट कर देना ज्यादे बेहतर है। क्योंकि अगर मान लें कि मेरे पास सिर्फ 1 लाख रुपये थे और बड़ी नुकसान में मैंने 80 हजार गंवा दिए तो बचे सिर्फ 20 हजार और इस 20 हजार से 80 को रिकवर करने जाएंगे तो किसी भी नजर से यह सम्भव नहीं है।
हां वो लक फैक्टर आजमाने जाएं कि कॉल खरीदा और बाजार 200-400 पॉइंट बढ़ गया तो उसकी बात और है लेकिन वह सिर्फ लक फैक्टर है जिससे सिर्फ जुआ खेला जा सकता है ट्रेड नहीं।
वास्तविकता ज्यादेतर समय कड़वा होता है लेकिन सही सेहत के लिए कड़वी दवाई को आंख बंद करके भी पीना ही पड़ता है।
शुरुआत से वास्तिवकता रखते आये हैं और आगे भी रखने का प्रयास करेंगे।
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