मेरे व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर शेयर बाजार एक व्यवसाय है। यह बिलकुल भी जुआ नहीं है।
यह एक ऐसा व्यवसाय है जहां दूसरे व्यापारों की खरीदी - बिक्री होती है।
भारत में 3 से 4% लोग ही शेयर बाजार में निवेश करते है। बाकि के लोग Bank Account, FD, RD and PPF में अपना पैसा Safe and Save रखते है।
आम तौर पर हम भारतीय शेयर बाजार को जुए सट्टे की तरह देखते हैं और शायद यह गलत भी नहीं क्योंकि आंकड़े को देखें तो यह बताता है कि सिर्फ 8-10 फिसिद निवेशक ही पैसे बनाकर जाते हैं।
लेकिन यह समझना आवश्यक है कि जुआ क्या है ?
किसी ऐसी जगह पर पैसे निवेश कर देना जहां आपको यह पता नहीं होता है की उन पैसो के साथ क्या होगा वह पैसे Double भी हो सकते है। Triple भी हो सकते है और पुरे पैसे डूब भी सकते है, उसे जुआ कहते है।
सट्टा या जुआ में हार -जीत का कोई लॉजिक नहीं होता है और उसे एक्सप्लेन भी नहीं किया जा सकता है।
जैसे:
अगर में किसी सिक्के को उछालू और आपसे ये पुछु की head आएगा या tell तो आप क्या अनुमान लगायेंगे मेरे हिसाब से दोनों की संभावना 50 - 50% है।
मान लीजिये की मैंने लगातार 100 बार सिक्का उछाला और लगातार 100 बार head आया।
अब में फिर से 101 वी बार सिक्का उछालू तो अब क्या संभावना है की क्या आयेगा अभी भी 50 - 50% ही संभावना है की सिक्का कोनसी Side गिरेगा बस यही जुआ है।
जुआ में दोनों पक्ष के जीतने की सम्भावना 50 - 50% होती है और कौन जीतेगा यह Luck पर निर्भर करता है । जुए में किसी भी प्रकार की Analysis नहीं होती है।
वहीं शेयर बाजार में जब किसी कंपनी के शेयर ख़रीदे जाते है तो उस वक़्त हम उस कंपनी के बिज़नेस को खरीद रहे होते है।
जितने प्रतिशत शेयर हमारे पास है उतना प्रतिशत व्यवसाय के मालिक हम होते है।
वहीं शेयर बाजार में Analysis ही सब कुछ होता है क्योंकि यहां हज़ारो कंपनियां होती है और सही विश्लेषण से ही कुछ कंपनी को खरीदा जाता है।
हाँ कुछ टर्म में शेयर बाजार भी जुआ है।
जैसे
1)बिना ज्ञान और विश्लेषण के किसी की सलाह या अफवाहो के आधार पर निवेश कर रहे है तो वह जुआ है।
लेकिन अगर आपको ज्ञान है और एक अच्छी रणनीति के साथ मनी मैनेजमेंट के नियमों का पालन करते हुए ट्रेड कर रहे है तो यह व्यवसाय है।
2) बिना सीखे रातों - रात अमीर बनने के इरादे से Investments किया जाये तो वह जुआ है।
लेकिन वहीं सीख कर लगातार सालाना पैसा कमाने के इरादे से उसमे निवेश किया जाये तो यह व्यवसाय है।
3)अगर एक ही Share पर एक बार में सारे पैसे लगा दिए जाये तो वह जुआ है।
लेकिन अपने पोर्टफोलियो को अच्छे से diversify किया जाये और सही Asset Allocation किया जाये तो यह व्यवसाय है।
संक्षिप्त में कहें तो
शेयर बाजार तब तक जुआ है जब तक निवेश करना नहीं आता है एक बार सीख लिया तब से यह एक व्यवसाय है।
मेरे अनुसार नये निवेशक को इससे डरने की जरुरत नहीं है बस लगातार बाजार को सीखते रहे।
अच्छे शेयर को ख़रीदे और विश्लेषण के अनुसार एक आदर्श समय तक होल्ड करें।
अब बात करते हैं आपके दूसरे प्रश्न के ऊपर जिसमें आप जानना चाहते हैं कि फिर हर कोई पैसा क्यों नहीं बना पाता है?
इसका सबसे बड़ा कारण है कि इस बाजार में ट्रेडर का साक्षरता दर। जोकि लगभग मुश्किल से 1-2 फीसदी है और बाकी के 95-98 फीसदी निवेशक या ट्रेडर या तो सुनी सुनाई बातों पर निवेश करते हैं या फिर ऐसे सलाहकार के साथ जिसे खुद इतना कॉन्फिडेंस न हो कि वह खुद का पैसा बाजार मर डाल सके।
उम्मीद है आपको समुचित उत्तर मिला होगा ।
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